क्यों होता है कमर दर्द

कमर दर्द के कारण, निदान, बचाव और उपचार


प्राय, लोग अपने जीवन मे कभी ना कभी कमर दर्द का अनुभव करते ही हैं। यह ३५ से ५५ वर्ग के लोगों में मुख्य रूप से होता है। पीठ दर्द से आपको  कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़  सकता है। इनमे झुकने मे दिक्कत होना, बैठते समय एक तीव्र दर्द का एहसास , खड़े होते  या सोते समय दिशा बदलने में कठनाई होना मुख्य हैं । कमर दर्द एक ऐसा जोड़ों का दर्द है जो आपको कभी भी हो सकता और जिसके कारण आपके दिन की गतिविधियाँ प्रभावित हो सकती हैं।

कमर दर्द कई कारणों से हो सकता है, जिसमे अचानक की जाने वाली जोरदार गतिविधि, चोट लगना, गिरना या चिकित्स्कीय स्थिति मुख्य कारण हैं।

कमर दर्द के मुख्य कारण:

1. आप अधिक तनाव में हैं

तनाव के कारण मांसपेशियां अकड़ जाती हैं, ख़ासकर गले और पीठ के ऊपरी हिस्से की मांसपेशियां अधिक प्रभावित होती हैं |

आपने  ध्यान दिया  होगा, जब भी आप तनावग्रस्त होते हैं तो सबसे पहले आपको आपकी पीठ परेशान करना शुरू कर देती है. जो लोग पीठ दर्द से पीड़ित होते हैं, यदि वो लम्बी अवधि तक तनावग्रस्त रहते हैं तो पीठ दर्द की समस्या और अधिक बढ़ने की आकांशा  रहती है |

इसलिए, पीठ दर्द से निजाद पाने के लिए यह भी जरुरी है की हम कम से कम तनाव ले, अन्यथा इससे हमारी सेहत पर  बुरा प्रभाव पड़ेगा।

 2. आपके बैठने का तरीका सही नहीं है :

 बैठने का तरीका

आजकल हर कोई डेस्क वर्क करता है , घंटों एक ही जगह पर बैठे रहने से भी आपकी कमर में दर्द हो सकता है | कई बार आपके बैठने का तरीका  सही न होने से भी आप ऐसी समस्या का सामना कर सकते हैं | बैठने का तरीका सही न होने से पीठ के निचले  हिस्से पर दबाव पड़ता है, इसीलिए आप भी पीठ के निचले हिस्से के दर्द से परेशान हैं तो आपके लिए जरुरी है आप अपने कुर्सी पर बैठे का तरीका  सही करें |

आप डेस्क पर बैठते समय इतना ध्यान रखे कि आपकी पीठ को एक आरामदायक और सही सहारा(support) है |

3. मांसपेशियों का तालमेल गड़बड़ा गया है

निसंदेह, हमारे शरीर के सभी अंग एक  सही तालमेल से काम करते हैं| यदि आपकी पीठ में दर्द  है तो इसका अर्थ यह नहीं है कि मुख्य समस्या आपकी कमर में है| क्या आप जानते हैं  हैमस्ट्रिंग्स में खिंचाव या पेट की मांसपेशियों में कमजोरी भी एक कारण है क्यूंकि इससे शरीर में मांपेशियों का तालमेल बिगड़ जाता है और पुरे शरीर पर असर पड़ता है |

ऐसे स्थिति में आवश्यक है कि आप एक  डॉक्टर या  फ़िज़ियोथेरैपिस्ट की सलाह लें | आप किसी भी तेल जैसे डॉ.ऑर्थो आयुर्वेदिक  तेल से हलकी मालिश भी कर सकते हैं और इसके साथ मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाला व्यायाम  भी जरुरी है, ध्यान रहे यह सब किसी विशेषज्ञ  के उपरोक्त सलाह के साथ कर रहे हैं।

4. डिस्क की समस्या भी हो सकती है

हमारी रीढ़ की हड्डी के बीच के डिस्क रीढ़ पर कुशनिंग इफ़ेक्ट की तरह काम करते हैं. वे रीढ़ को किसी भी तरह के झटके से बचाती  है, पर समय के साथ यह डिस्क  का आकर  फ्लैट होने होने लगता है, चोट या गलत उठने बैठने के तरीके से इसमें गड़बड़ी आने लगती है | यहाँ तक, डिस्क की गड़बड़ी कुछ परिवारों में पीड़ी दर पीड़ी भी चलती है, शुरू शुरू में कमर दर्द का पता लगाना की यह डिस्क  की  वजह से  है कि किसी और वजह से  मुश्किल है, पर एक बार दर्द   शुरू जाये  काफी पीड़ादायक हो  सकता है |

इस में   जरुरी  है कि किसी चिक्त्सिक की सलाह ली जाये |

कमर दर्द से कैसे बचें :

1. प्रतिदिन व्यायाम करें

प्रतिदिन व्यायाम करें

हल्का व्यायाम कमर दर्द  में काफी  लाभकारी है | ध्यान रहे कि व्यायाम करते समय खिंचाव या झटका ना लगे, इसलिए बेहतर बेहतर है कि आप व्यायाम किसी प्रोफ़ेशनल  की देख रेख में करें 

2. स्वस्थ वजन  बनाये रखें

शरीर का अधिक वजन भी पीठ दर्द का एक कारण  हो सकता है। इसीलिए, आप हो सके तो वजन कम करने की कोशिश करें, इससे कमर दर्द में काफी लाभ मिलेगा।

3. अपने बैठने का तरीका सही करें

यदि आपको कुर्सी पर बैठने में तकलीफ हो रही हो तो आप एक कुशन या तकिये को अपने सहारे क लिए रख सकते हैं।

4. अधिक भारी वस्तु ना उठाएं

जितना  हो सके उतना भारी वस्तु उठाने से बचे, अकेले न उठायें किसी की सहायता लें।

5. प्रोटीन युक्त सब्जियां जैसे सोया का सेवन कर

6. ग्रीन टी पियें।

7. अदरक वाला काढ़ा लें।

8. मालिश करें

आप डॉ. ऑर्थो आयुर्वेदिक दर्द निवारक तेल का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। यह ८ जड़ी-बूटियों जैसे तिल, निर्गुन्डी, नीलगिरि, कपूर, चीड़ अथवा अलसी से निर्मित है। डॉ, ऑर्थो तेल जोड़ों के दर्द में बहुत ही सहायक है इसका रोजाना इस्तेमाल आपको घुटने के दर्द , कमर दर्द, कोहनी, कलाई , गर्दन आदि जोड़ों के दर्द से निजात दिला सकता है। यह तेल आयुर्वेदिक और सभी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

यह कुछ आसान तरीके हैं जिन्हें आप अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में अपना सकते हैं और कमर दर्द से बच सकते हैं। आशा है कि आपको इस छोटी सी जानकारी से मदद मिलेगी।

धन्यवाद ।